राजस्व न्यायालय कम्प्यूटरीकृत प्रवंधन प्रणली (RCCMS)

RCCMS उत्तर प्रदेश – राजस्व न्यायालय की पूरी जानकारी
राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश · vaad.up.nic.in

RCCMS उत्तर प्रदेश – राजस्व न्यायालय की पूरी जानकारी

केस स्टेटस, वरासत, धारा 80 आवेदन और न्यायालय पदानुक्रम की जानकारी

RCCMS का पूरा नाम Revenue Court Computerized Management System यानी राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली है। यह उत्तर प्रदेश के राजस्व न्यायालयों से संबंधित वादों और न्यायालयीन कार्यवाहियों की जानकारी को ऑनलाइन उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था है, जो राजस्व परिषद (Board of Revenue), उत्तर प्रदेश के अंतर्गत संचालित होती है। इसका उद्देश्य राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और वादकारियों, अधिवक्ताओं तथा आम नागरिकों को केस से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है।

2,000+राजस्व न्यायालय पोर्टल से जुड़े
75जिलों तक विस्तार
ऑनलाइनवरासत व धारा 80 आवेदन

01RCCMS क्यों बनाया गया

उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है, और यहां भूमि से जुड़े विवादों की संख्या भी बहुत अधिक है। RCCMS से पहले राजस्व न्यायालयों में वादों की भारी लंबितता और पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याएं थीं — वादकारियों को अपने मामले की जानकारी के लिए बार-बार न्यायालय जाना पड़ता था। RCCMS ने इन सभी कार्यवाहियों को डिजिटल बनाकर यह समस्या काफी हद तक हल की है।

02RCCMS का मुख्य उद्देश्य

  • डिजिटलीकरण: राजस्व न्यायालयों के सभी मामलों को कंप्यूटरीकृत करना।
  • पारदर्शिता: भूमि से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाना।
  • कार्यभार में कमी: अधिकारियों के मैनुअल कार्यभार को कम करना।
  • आसान पहुंच: नागरिकों को केस की जानकारी तक आसान पहुंच देना।
  • निगरानी: लंबित मामलों की बेहतर निगरानी में सहायता करना।

03RCCMS से क्या जानकारी मिल सकती है

  • वाद की स्थिति (Case Status)
  • वाद की अगली/नियत तारीख
  • न्यायालय में हुई कार्यवाही
  • न्यायालय द्वारा पारित आदेश
  • दैनिक वाद सूची (Daily Cause List)
  • वाद संख्या/पक्षकार के नाम से खोज
  • ग्राम/राजस्व ग्राम व विवादित गाटा/प्लॉट से संबंधित जानकारी
  • वरासत (उत्तराधिकार) से संबंधित वाद
  • कैविएट से संबंधित जानकारी

04RCCMS पर केस स्टेटस कैसे देखें

  1. वेबसाइट खोलें: RCCMS की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
  2. Case Status चुनें: संबंधित विकल्प चुनें।
  3. विवरण दर्ज करें: कंप्यूटरीकृत संख्या, वाद संख्या, पक्षकार का नाम, ग्राम या विवादित प्लॉट जैसा विवरण भरें।
  4. खोज करें: जानकारी भरकर खोजें।
  5. विवरण देखें: उपलब्ध होने पर केस की स्थिति, तारीख और अन्य जानकारी स्क्रीन पर दिखेगी।

05राजस्व न्यायालयों का पदानुक्रम

RCCMS पोर्टल नायब तहसीलदार स्तर से लेकर राजस्व परिषद तक — यानी राज्य की सबसे बड़ी राजस्व अपीलीय संस्था तक — के सभी संबंधित राजस्व न्यायालयों को कवर करता है:

नायब तहसीलदार न्यायालय तहसीलदार SDM ADM/जिलाधिकारी (DM) राजस्व परिषद (Board of Revenue)

पोर्टल पर लेखपाल (Revenue Inspector), तहसीलदार, SDM और अन्य राजस्व अधिकारियों के लिए भी अलग लॉगिन सुविधा है, जिससे वे रिकॉर्ड अपडेट करने, आदेश दर्ज करने और वाद की कार्यवाही प्रबंधित करने का काम कर सकते हैं।

06वरासत और धारा 80 जैसी अतिरिक्त सुविधाएं

वरासत (उत्तराधिकार)संपत्ति स्वामी की मृत्यु के बाद वारिस के नाम भूमि रिकॉर्ड दर्ज कराने (Dakhil Kharij) के लिए ऑनलाइन आवेदन व स्थिति ट्रैकिंग
धारा 80 (भूमि रूपांतरण)कृषि भूमि को गैर-कृषि उपयोग में बदलने से संबंधित आवेदन जमा करने व ट्रैक करने की सुविधा
चकबंदी न्यायालयभूमि चकबंदी (Land Consolidation) से जुड़े न्यायालयों की कार्यवाही की जानकारी भी उपलब्ध
कैविएटसंबंधित मामलों की जानकारी पोर्टल पर देखी जा सकती है

इन सुविधाओं के माध्यम से नागरिक तहसील कार्यालय गए बिना भी वरासत जैसे महत्वपूर्ण आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं और उनकी स्थिति आवेदन संख्या से ट्रैक कर सकते हैं।

07RCCMS मोबाइल ऐप

RCCMS की वेबसाइट पर Android मोबाइल एप्लिकेशन से संबंधित सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे मोबाइल के माध्यम से भी RCCMS सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है।

08महत्वपूर्ण बात

RCCMS पर दिखाई जाने वाली जानकारी ऑनलाइन रिकॉर्ड पर आधारित होती है। किसी मामले की अंतिम कानूनी स्थिति या निर्णय के लिए संबंधित राजस्व न्यायालय के आधिकारिक आदेश/रिकॉर्ड को ही आधार माना जाना चाहिए — पोर्टल पर दिखने वाली जानकारी को अंतिम प्रमाण न मानें।

09सावधानियां

  • केवल आधिकारिक vaad.up.nic.in वेबसाइट का उपयोग करें
  • वाद संख्या/पक्षकार का नाम सही दर्ज करें
  • कानूनी सलाह के लिए अधिवक्ता से संपर्क करें
  • पोर्टल पर आदेश की मूल प्रति संबंधित न्यायालय से सत्यापित करें
  • किसी अनजान व्यक्ति को व्यक्तिगत/भूमि दस्तावेज़ की जानकारी न दें
  • वरासत/धारा 80 जैसे आवेदन में सही जानकारी भरें

?अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

RCCMS क्या है?

यह उत्तर प्रदेश के राजस्व न्यायालयों के मामलों और न्यायालयीन कार्यवाहियों की ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध कराने वाली कंप्यूटरीकृत प्रणाली है।

क्या RCCMS पर वरासत का आवेदन किया जा सकता है?

हां, RCCMS पोर्टल के माध्यम से वरासत (उत्तराधिकार/Dakhil Kharij) से संबंधित ऑनलाइन आवेदन और उसकी स्थिति ट्रैकिंग की जा सकती है।

RCCMS किस विभाग के अंतर्गत आता है?

यह राजस्व परिषद (Board of Revenue), उत्तर प्रदेश के अंतर्गत संचालित होता है।

RCCMS किस राज्य से संबंधित है?

RCCMS उत्तर प्रदेश के राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रणाली है।

क्या RCCMS की जानकारी मोबाइल से देखी जा सकती है?

हां, RCCMS वेबसाइट पर Android मोबाइल एप्लिकेशन की सुविधा का उल्लेख उपलब्ध है।

RCCMS ने उत्तर प्रदेश के राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली को नायब तहसीलदार स्तर से लेकर राजस्व परिषद तक डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। केस स्टेटस देखने के अलावा वरासत और भूमि रूपांतरण जैसे जरूरी आवेदन भी अब बिना तहसील गए ऑनलाइन किए जा सकते हैं।

नोट: ऊपर दी गई सामग्री सामान्य जानकारी के रूप में तैयार की गई है। आधिकारिक आंकड़े, न्यायालयों की संख्या और पोर्टल की सुविधाएं समय के साथ बदल सकती हैं — नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक RCCMS पोर्टल देखें।
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राजस्व न्यायालय कम्प्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (RCCMS)

राजस्व वादों से जुड़े केस की स्थिति व सुनवाई की जानकारी के लिए त्वरित लिंक

यह पेज केवल जानकारी और मार्गदर्शन हेतु है। आधिकारिक कार्य हेतु सदैव संबंधित सरकारी विभाग की वेबसाइट पर ही जाएं।

RCCMS क्या है?

राजस्व न्यायालय कम्प्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (RCCMS), उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद द्वारा संचालित एक ऑनलाइन प्रणाली है, जिसकी मदद से राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की स्थिति, आदेश व सुनवाई की तिथि की जानकारी घर बैठे प्राप्त की जा सकती है। LagJaaGuru.in पर हम आपको सही आधिकारिक पोर्टल तक पहुंचने में मार्गदर्शन देते हैं — कृपया अंतिम व वैध जानकारी के लिए हमेशा संबंधित सरकारी वेबसाइट का ही प्रयोग करें।

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