जनगणना से संबंधित जानकारी

जनगणना (Census) –
सम्पूर्ण जानकारी जनगणना क्या है?
जनगणना (Census) किसी देश में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति, परिवार एवं आवास से संबंधित जानकारी एकत्र करने की सरकारी प्रक्रिया है। भारत में जनगणना भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त (Office of the Registrar General & Census Commissioner, India) द्वारा कराई जाती है। इसका उद्देश्य देश की जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार, आवास, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति से संबंधित सटीक आँकड़े तैयार करना है।जनगणना का उद्देश्यदेश की वास्तविक जनसंख्या का पता लगाना।सरकारी योजनाओं का सही लाभ पात्र लोगों तक पहुँचाना।शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार की योजनाएँ बनाना।संसाधनों का उचित वितरण करना।संसद एवं विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन में सहायता करना।सामाजिक एवं आर्थिक विकास की योजना तैयार करना।जनगणना में कौन-कौन सी जानकारी ली जाती है?परिवार के सदस्यों की संख्यानाम, आयु एवं लिंगवैवाहिक स्थितिशिक्षा एवं साक्षरताव्यवसाय एवं रोजगारजन्म स्थान एवं प्रवासमातृभाषा एवं अन्य भाषाएँधर्मदिव्यांगता संबंधी जानकारीमकान का प्रकारशौचालय, बिजली एवं पेयजल की सुविधाइंटरनेट एवं अन्य मूलभूत सुविधाएँभारत में जनगणना का इतिहासभारत में पहली जनगणना वर्ष 1872 में हुई।पहली नियमित एवं समकालिक जनगणना 1881 में आयोजित की गई।इसके बाद प्रत्येक 10 वर्ष में जनगणना कराई जाती है।2011 भारत की स्वतंत्रता के बाद सातवीं तथा कुल पंद्रहवीं जनगणना थी।2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी।जनगणना 2027भारत सरकार ने जनगणना 2027 की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी जिसमें मोबाइल ऐप एवं स्व-गणना (Self Enumeration) जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं। जनगणना दो चरणों में आयोजित की जा रही है—
1. मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणनाइस चरण में मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएँ एवं संपत्तियों की जानकारी एकत्र की जाती है।2. जनसंख्या गणनाइस चरण में प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय एवं सामाजिक जानकारी दर्ज की जाती है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार अधिकांश क्षेत्रों में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में प्रस्तावित है।जनगणना का महत्वविकास योजनाओं की बेहतर योजना बनती है।शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होता है।ग्रामीण एवं शहरी विकास में सहायता मिलती है।रोजगार एवं आधारभूत सुविधाओं का सही आकलन होता है।भविष्य की सरकारी नीतियों के निर्माण में मदद मिलती है।नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण बातेंसही एवं पूर्ण जानकारी दें।केवल अधिकृत जनगणना अधिकारी को ही जानकारी दें।आपकी व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी जाती है।गलत जानकारी देना कानूनन दंडनीय हो सकता है।अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)जनगणना कितने वर्ष में होती है?भारत में सामान्यतः प्रत्येक 10 वर्ष में जनगणना आयोजित की जाती है।जनगणना कौन कराता है?भारत सरकार का गृह मंत्रालय एवं भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त।जनगणना क्यों आवश्यक है?देश की जनसंख्या एवं सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सही आकलन कर विकास योजनाएँ बनाने के लिए।क्या जनगणना की जानकारी गोपनीय रहती है?हाँ, जनगणना अधिनियम के अनुसार नागरिकों द्वारा दी गई व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी जाती है।LAGJAAGURU.IN
सरकारी सेवाओं का डिजिटल दफ्तरLAGJAAGURU.IN पर आपको जनगणना, सरकारी योजनाओं, आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, पेंशन, छात्रवृत्ति तथा अन्य सरकारी सेवाओं से संबंधित नवीनतम एवं विश्वसनीय जानकारी सरल हिंदी भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।

जनगणना से संबंधित जानकारी

भारत की जनगणना (Census of India) से जुड़ी जानकारी व स्व-गणना (Self-Enumeration) के लिए त्वरित लिंक

यह पेज केवल जानकारी और मार्गदर्शन हेतु है। आधिकारिक कार्य हेतु सदैव संबंधित सरकारी विभाग की वेबसाइट पर ही जाएं।

जनगणना (Census of India) क्या है?

जनगणना, भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा हर 10 वर्ष में आयोजित की जाने वाली एक बड़े स्तर की जनसंख्या गणना प्रक्रिया है। इसमें देश के हर नागरिक व परिवार से जुड़ी बुनियादी जानकारी एकत्र की जाती है, जिसका उपयोग योजनाओं व नीतियों के निर्माण में होता है। LagJaaGuru.in पर हम आपको सही आधिकारिक पोर्टल तक पहुंचने में मार्गदर्शन देते हैं — कृपया अंतिम व वैध जानकारी के लिए हमेशा संबंधित सरकारी वेबसाइट का ही प्रयोग करें।

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