जनगणना से संबंधित जानकारी

जनगणना (Census) – सम्पूर्ण जानकारी
गृह मंत्रालय · Office of the RGI, भारत

जनगणना (Census) – सम्पूर्ण जानकारी

इतिहास, उद्देश्य और भारत की पहली डिजिटल जनगणना 2027 की पूरी जानकारी

जनगणना (Census) किसी देश में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति, परिवार एवं आवास से संबंधित जानकारी एकत्र करने की सरकारी प्रक्रिया है। भारत में जनगणना भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त (Office of the Registrar General & Census Commissioner, India) द्वारा कराई जाती है। इसका उद्देश्य देश की जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार, आवास, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति से संबंधित सटीक आँकड़े तैयार करना है। इस लेख में हम बताएंगे कि जनगणना 2027 — भारत की पहली डिजिटल जनगणना — कैसे अलग है, और इसमें क्या-क्या नया शामिल किया गया है।

10 वर्षमें एक बार
16वींजनगणना (2027)
₹11,718 करोड़बजटीय प्रावधान

01जनगणना क्या है

जनगणना के जरिए सरकार यह समझती है कि देश में कितने लोग रहते हैं, वे कहां रहते हैं, कैसी जिंदगी जीते हैं और उन्हें किन सुविधाओं की जरूरत है — यह जानकारी आगे की सभी नीतियों और योजनाओं की नींव बनती है।

02जनगणना का उद्देश्य

  • जनसंख्या का आकलन: देश की वास्तविक जनसंख्या का पता लगाना।
  • सही लाभार्थी चयन: सरकारी योजनाओं का सही लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना।
  • नीति निर्माण: शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार की योजनाएं बनाना।
  • संसाधन वितरण: संसाधनों का उचित वितरण करना।
  • परिसीमन: संसद एवं विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन में सहायता करना।

03जनगणना में कौन-कौन सी जानकारी ली जाती है

  • व्यक्तिगत विवरण: परिवार के सदस्यों की संख्या, नाम, आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति।
  • सामाजिक-आर्थिक विवरण: शिक्षा-साक्षरता, व्यवसाय-रोजगार, जन्म स्थान एवं प्रवास।
  • सांस्कृतिक विवरण: मातृभाषा एवं अन्य भाषाएं, धर्म।
  • आवास विवरण: मकान का प्रकार, शौचालय, बिजली, पेयजल, इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाएं।
  • विशेष जानकारी: दिव्यांगता संबंधी जानकारी।

04भारत में जनगणना का इतिहास

  • 1872: भारत में पहली जनगणना हुई।
  • 1881: पहली नियमित एवं समकालिक जनगणना आयोजित की गई, इसके बाद हर 10 वर्ष में जनगणना होती है।
  • 2011: स्वतंत्रता के बाद सातवीं तथा कुल पंद्रहवीं जनगणना।
  • 2021: कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई।

05जनगणना 2027 — भारत की पहली डिजिटल जनगणना

भारत सरकार ने जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी, तथा दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल जनगणना मानी जा रही है। इसमें मोबाइल-आधारित डेटा संग्रहण, वास्तविक समय की निगरानी और वैकल्पिक स्व-गणना (Self Enumeration) जैसी सुविधाएं शामिल हैं। गणनाकर्ता Android और iOS दोनों पर उपलब्ध मोबाइल ऐप से आंकड़े एकत्र करेंगे, जो हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा।

चरण I: मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना

अप्रैल–सितंबर 2026 के बीच राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार अलग-अलग 30 दिन की अवधि में आयोजित। इससे पहले 15 दिन तक स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। इसमें मकान, सुविधाएं व संपत्ति की जानकारी ली जाती है।

चरण II: जनसंख्या गणना

अधिकांश क्षेत्रों में फरवरी 2027 के लिए निर्धारित (कुछ बर्फबारी वाले क्षेत्रों में सितंबर 2026 में)। इसमें हर व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक, प्रवासन व प्रजनन संबंधी जानकारी ली जाती है।

चरण I: मकान सूचीकरण (2026) स्व-गणना विकल्प चरण II: जनसंख्या गणना (2027) जाति गणना (चरण II में शामिल)
महत्वपूर्ण जोड़: जनगणना 2027 के दूसरे चरण के दौरान पहली बार जातिगत गणना भी शामिल की जाएगी, जो पहले की जनगणनाओं में अलग से दर्ज नहीं होती थी। यह इस जनगणना की एक बड़ी और नई विशेषता है।

06जनगणना का महत्व

  • विकास योजनाओं की बेहतर योजना बनती है।
  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होता है।
  • ग्रामीण एवं शहरी विकास में सहायता मिलती है।
  • रोजगार एवं आधारभूत सुविधाओं का सही आकलन होता है।
  • भविष्य की सरकारी नीतियों के निर्माण में मदद मिलती है।

07नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • सही एवं पूर्ण जानकारी दें।
  • केवल अधिकृत जनगणना अधिकारी को ही जानकारी दें।
  • आपकी व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी जाती है।
  • गलत जानकारी देना कानूनन दंडनीय हो सकता है।

?अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जनगणना कितने वर्ष में होती है?

भारत में सामान्यतः प्रत्येक 10 वर्ष में जनगणना आयोजित की जाती है।

जनगणना कौन कराता है?

भारत सरकार का गृह मंत्रालय एवं भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त (RGI) जनगणना कराते हैं।

क्या जनगणना 2027 में जाति की जानकारी भी ली जाएगी?

हां, जनगणना 2027 के दूसरे चरण (जनसंख्या गणना) के दौरान पहली बार जातिगत गणना भी शामिल की जाएगी।

क्या जनगणना की जानकारी गोपनीय रहती है?

हां, जनगणना अधिनियम के अनुसार नागरिकों द्वारा दी गई व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी जाती है।

क्या नागरिक खुद अपनी जानकारी भर सकते हैं?

हां, जनगणना 2027 में पहली बार स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा एक समर्पित वेब पोर्टल के जरिए उपलब्ध कराई जा रही है।

जनगणना 2027 भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होने के साथ-साथ जातिगत गणना को शामिल करने वाली भी पहली जनगणना होगी। दो चरणों — मकान सूचीकरण और जनसंख्या गणना — के जरिए यह देश की सबसे व्यापक और तकनीक-सक्षम गणना प्रक्रिया साबित होगी।

नोट: जनगणना 2027 की तारीखें, प्रक्रिया और प्रश्नावली राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार अलग हो सकती हैं और समय के साथ अपडेट हो सकती हैं। नवीनतम जानकारी के लिए भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय की आधिकारिक सूचना देखें।

जनगणना से संबंधित जानकारी

भारत की जनगणना (Census of India) से जुड़ी जानकारी व स्व-गणना (Self-Enumeration) के लिए त्वरित लिंक

यह पेज केवल जानकारी और मार्गदर्शन हेतु है। आधिकारिक कार्य हेतु सदैव संबंधित सरकारी विभाग की वेबसाइट पर ही जाएं।

जनगणना (Census of India) क्या है?

जनगणना, भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा हर 10 वर्ष में आयोजित की जाने वाली एक बड़े स्तर की जनसंख्या गणना प्रक्रिया है। इसमें देश के हर नागरिक व परिवार से जुड़ी बुनियादी जानकारी एकत्र की जाती है, जिसका उपयोग योजनाओं व नीतियों के निर्माण में होता है। LagJaaGuru.in पर हम आपको सही आधिकारिक पोर्टल तक पहुंचने में मार्गदर्शन देते हैं — कृपया अंतिम व वैध जानकारी के लिए हमेशा संबंधित सरकारी वेबसाइट का ही प्रयोग करें।

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