प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana)
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME)

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma)

18 पारंपरिक व्यवसायों के कारीगरों के लिए पहचान, प्रशिक्षण, टूलकिट और बिना गारंटी ऋण

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को पहचान, प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, आसान ऋण और बाजार से जोड़ने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यह योजना सितंबर 2023 में शुरू की गई थी और इसमें 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है। इस लेख में हम बताएंगे कि योजना से क्या-क्या लाभ मिलते हैं, ऋण कैसे मिलता है, और आवेदन कैसे करें।

18पारंपरिक व्यवसाय
₹15,000टूलकिट प्रोत्साहन
₹3 लाखतक बिना गारंटी ऋण
5%रियायती ब्याज दर

01योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक एवं व्यावसायिक रूप से मजबूत बनाना है। योजना के माध्यम से उनके कौशल को बेहतर करने, आधुनिक औजार उपलब्ध कराने, व्यवसाय के लिए ऋण प्राप्त करने और उनके उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सहायता दी जाती है।

02योजना के प्रमुख लाभ

  • प्रमाण पत्र व ID Card: पात्र कारीगरों को PM Vishwakarma Certificate और ID Card देकर उनकी पहचान एक विश्वकर्मा के रूप में की जाती है।
  • प्रशिक्षण: Basic Training 5–7 दिन और Advanced Training 15 दिन या उससे अधिक — प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन स्टाइपेंड और ₹1,000 तक परिवहन सहायता।
  • टूलकिट प्रोत्साहन: बेहतर औजार खरीदने के लिए ₹15,000 तक का Toolkit Incentive e-voucher के रूप में।
  • बिना गारंटी ऋण: ₹3 लाख तक का Collateral-free Enterprise Development Loan।
  • डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन: प्रत्येक योग्य डिजिटल लेनदेन पर ₹1 तक, अधिकतम 100 लेनदेन प्रति माह।
  • मार्केटिंग सहायता: गुणवत्ता प्रमाणन, ब्रांडिंग, विज्ञापन और e-commerce प्लेटफॉर्म से जोड़ने में सहायता।

03ऋण कैसे मिलता है

योजना के तहत पात्र कारीगरों को ₹3 लाख तक का Collateral-free Enterprise Development Loan मिल सकता है, जो दो चरणों में उपलब्ध कराया जाता है:

चरणऋण राशि
पहला ऋण₹1 लाख
दूसरा ऋण₹2 लाख

निर्धारित रियायती ब्याज दर 5% है, और भारत सरकार की ओर से ब्याज में 8% तक सबवेंशन का प्रावधान है।

ठीक PM SVANidhi की तरह, यहां भी दूसरा ऋण पहले ऋण के समय पर भुगतान पर निर्भर करता है — यानी बड़ा ऋण पाने के लिए पहले छोटे ऋण को समय पर चुकाना जरूरी है।

04योजना का पूरा सफर

पंजीकरण व सत्यापन प्रमाण पत्र व ID कौशल प्रशिक्षण टूलकिट e-voucher पहला ऋण ₹1 लाख दूसरा ऋण ₹2 लाख बाजार से जुड़ाव

05PM Vishwakarma में शामिल 18 व्यवसाय

बढ़ई
नाव बनाने वाला
शस्त्र निर्माता
लोहार
हथौड़ा/औजार निर्माता
ताला बनाने वाला
सुनार
कुम्हार
मूर्तिकार/पत्थर तराशने वाला
मोची/जूता बनाने वाला
राजमिस्त्री
टोकरी/झाड़ू/कॉयर बुनकर
गुड़िया/खिलौना निर्माता
नाई
माला बनाने वाला
धोबी
दर्जी
मछली जाल निर्माता

06आवेदन कैसे करें

  1. CSC पर जाएं: नजदीकी Common Service Centre के माध्यम से आवेदन करें।
  2. जानकारी तैयार रखें: व्यवसाय, पहचान और आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें।
  3. आवेदन व सत्यापन: आवेदन जमा करें, जो योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार सत्यापित होता है।

अधिक जानकारी के लिए PM Vishwakarma Portal देखें।

07जरूरी दस्तावेज़

  • पहचान: आधार कार्ड, मोबाइल नंबर।
  • बैंक विवरण: बैंक खाते की जानकारी।
  • व्यवसाय विवरण: अपने पारंपरिक व्यवसाय से जुड़ी जानकारी।
  • अन्य: आवेदन प्रक्रिया में मांगे गए अन्य दस्तावेज।

दस्तावेजों की आवश्यकता पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

?अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PM Vishwakarma में कितने व्यवसाय शामिल हैं?

इस योजना में 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं।

क्या PM Vishwakarma में प्रशिक्षण मिलता है?

हां। Basic और Advanced Training का प्रावधान है, तथा प्रशिक्षण के दौरान निर्धारित स्टाइपेंड और परिवहन सहायता दी जाती है।

टूलकिट के लिए कितनी सहायता मिलती है?

पात्र लाभार्थी को ₹15,000 तक का Toolkit Incentive e-voucher के माध्यम से मिल सकता है।

PM Vishwakarma में कितना ऋण मिल सकता है?

कुल ₹3 लाख तक का Collateral-free Enterprise Development Loan दो चरणों (₹1 लाख + ₹2 लाख) में उपलब्ध हो सकता है।

PM Vishwakarma का आवेदन कहां किया जा सकता है?

नजदीकी CSC के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है, और आधिकारिक जानकारी के लिए PM Vishwakarma Portal देखा जा सकता है।

PM Vishwakarma Yojana पारंपरिक कारीगरों को केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके कौशल, औजार, डिजिटल क्षमता, वित्तीय पहुंच और बाजार से जुड़ाव को बेहतर बनाने पर भी ध्यान देती है। इससे छोटे स्तर पर पारंपरिक व्यवसाय करने वाले लोगों को अपने काम को आगे बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।

महत्वपूर्ण: योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, ऋण स्वीकृति और लाभ वास्तविक सरकारी नियमों तथा संबंधित सत्यापन पर निर्भर करते हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल या नजदीकी CSC से नवीनतम जानकारी अवश्य जांचें।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना

पारंपरिक कारीगरों व शिल्पकारों हेतु प्रशिक्षण, टूलकिट व लोन के लिए त्वरित लिंक

यह पेज केवल जानकारी और मार्गदर्शन हेतु है। आधिकारिक कार्य हेतु सदैव संबंधित सरकारी विभाग की वेबसाइट पर ही जाएं।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना क्या है?

MSME मंत्रालय की यह योजना बढ़ई, लोहार, दर्जी, कुम्हार जैसे 18 पारंपरिक ट्रेड के कारीगरों व शिल्पकारों को कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट अनुदान (15,000 रुपये) व बिना गारंटी लोन (पहले चरण में 1 लाख, दूसरे में 2 लाख) प्रदान करती है। LagJaaGuru.in पर हम आपको सही आधिकारिक पोर्टल तक पहुंचने में मार्गदर्शन देते हैं — कृपया अंतिम व वैध जानकारी के लिए हमेशा संबंधित सरकारी वेबसाइट का ही प्रयोग करें।

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