मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना (उ.प्र)

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, उत्तर प्रदेश
राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना

दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता पर मिलने वाली आर्थिक सहायता की पूरी जानकारी

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य पात्र किसानों और उनके परिवारों को दुर्घटना के कारण होने वाली मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करना है। यह योजना 14 सितंबर 2019 से लागू है। इस लेख में हम बताएंगे कि किस तरह की दुर्घटना और चोट पर कितनी सहायता मिलती है, कौन पात्र है, और आवेदन कैसे करें।

₹5 लाखमृत्यु/पूर्ण अक्षमता पर अधिकतम
18–70पात्र आयु वर्ग
निःशुल्ककोई प्रीमियम नहीं

01योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेती-किसानी से जुड़े पात्र व्यक्तियों की दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता होने पर उनके परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इससे दुर्घटना के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने में मदद मिल सकती है। इस योजना के लिए किसान को कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता — यह पूरी तरह सरकार द्वारा वित्त पोषित है।

02किन लोगों को लाभ मिल सकता है

योजना के अंतर्गत सामान्यतः उत्तर प्रदेश के ऐसे पात्र कृषक/कृषक परिवार आते हैं जो योजना की निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं — इसमें भूमि के मालिक और बटाईदार (किराए पर खेती करने वाले) दोनों तरह के किसान शामिल हो सकते हैं। पात्रता में आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होना एक महत्वपूर्ण मानदंड है। पात्रता में भूमि से संबंधित स्थिति, आयु तथा दुर्घटना की परिस्थितियां महत्वपूर्ण होती हैं।

03कितनी आर्थिक सहायता मिलती है

सहायता की राशि दुर्घटना के परिणाम — यानी मृत्यु या दिव्यांगता की गंभीरता — के अनुसार अलग-अलग निर्धारित है:

परिस्थितिसहायता राशि
मृत्यु या पूर्ण शारीरिक अक्षमता₹5,00,000
दोनों हाथ/दोनों पैर/दोनों आंखों की क्षति₹5,00,000
एक हाथ और एक पैर की क्षति₹5,00,000
एक हाथ या एक पैर या एक आंख की क्षति₹2,50,000
स्थायी दिव्यांगता 25%–50% के बीच₹1,75,000
ध्यान रहे: यह सहायता राशि सीधे लाभार्थी या उनके परिजनों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। सटीक राशि दुर्घटना की प्रकृति और मेडिकल/जांच रिपोर्ट के आकलन पर निर्भर करती है, इसलिए आवेदन के समय वर्तमान सरकारी नियमों से पुष्टि जरूर करें।

04दुर्घटना में किन परिस्थितियों में सहायता मिल सकती है

निर्धारित नियमों के अनुसार दुर्घटना के कारण मृत्यु अथवा विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता होने पर आर्थिक सहायता का प्रावधान है:

  • सड़क दुर्घटना
  • बिजली गिरना (आकाशीय बिजली)
  • करंट लगना
  • डूबना
  • आग लगना
  • अन्य निर्धारित दुर्घटनाएं

05आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़

  • पहचान: आधार कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण।
  • भूमि विवरण: भूमि संबंधी अभिलेख/खतौनी।
  • वित्तीय: बैंक पासबुक।
  • मृत्यु का मामला: मृत्यु प्रमाण पत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट (जहां लागू)।
  • दुर्घटना संबंधी: दुर्घटना से संबंधित रिपोर्ट/प्रमाण, दिव्यांगता प्रमाण पत्र (जहां लागू)।
  • अन्य: वारिस/परिवार संबंधी दस्तावेज, मोबाइल नंबर।

दस्तावेजों की वास्तविक सूची मामले और वर्तमान सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अलग हो सकती है।

06आवेदन कैसे करें

  1. समय पर सूचित करें: दुर्घटना होने के बाद निर्धारित समय सीमा (सामान्यतः 45 दिन के भीतर) आवेदन करना जरूरी है।
  2. तहसील/लेखपाल से संपर्क करें: संबंधित तहसील, लेखपाल या राजस्व कार्यालय से संपर्क करें।
  3. दस्तावेज जमा करें: आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करें।
  4. सत्यापन कराएं: दुर्घटना और पात्रता का सत्यापन संबंधित अधिकारी द्वारा किया जाता है।
  5. सहायता प्राप्त करें: पात्रता पूरी होने पर सहायता राशि बैंक खाते में भेजी जाती है।
आवेदन में देरी होने पर प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए दुर्घटना के तुरंत बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करना बहुत जरूरी है। योजना की ऑनलाइन प्रक्रिया/पोर्टल समय के साथ बदल सकता है, इसलिए वर्तमान प्रक्रिया की पुष्टि अपने तहसील कार्यालय से जरूर करें।

07महत्वपूर्ण बातें

  • दुर्घटना के तुरंत बाद सूचना दें
  • निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करें
  • सभी दस्तावेज सही व पूरे रखें
  • बैंक खाते की जानकारी सही भरें
  • गलत/अधूरी जानकारी न दें
  • तहसील/लेखपाल से नियमित संपर्क रखें

?अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को कितनी सहायता मिलती है?

पात्र किसान की दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को अधिकतम ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।

क्या दिव्यांगता की स्थिति में भी सहायता मिलती है?

हां, दिव्यांगता की गंभीरता के अनुसार ₹1.75 लाख से ₹5 लाख तक की सहायता का प्रावधान है।

क्या इस योजना के लिए कोई प्रीमियम देना पड़ता है?

नहीं, यह योजना किसानों के लिए पूरी तरह निःशुल्क है और सरकार द्वारा वित्त पोषित है।

आवेदन कहां किया जाता है?

आवेदन की प्रक्रिया संबंधित तहसील/राजस्व विभाग की व्यवस्था के अनुसार होती है, और इसे तहसीलदार या लेखपाल के माध्यम से किया जा सकता है।

क्या आवेदन के लिए कोई समय-सीमा है?

हां, दुर्घटना होने के बाद निर्धारित समय के भीतर (सामान्यतः 45 दिन के भीतर) आवेदन करना महत्वपूर्ण है, ताकि दावा प्रक्रिया प्रभावित न हो।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना किसान परिवारों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है, जो बिना किसी प्रीमियम के दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता देती है। दुर्घटना के तुरंत बाद समय पर तहसील/लेखपाल से संपर्क करना और सही दस्तावेज जमा करना दावा पाने की सबसे अहम कड़ी है।

अस्वीकरण: यह सामग्री वेबसाइट पर सामान्य जानकारी के लिए मौलिक रूप से तैयार की गई है। योजना की पात्रता, सहायता राशि, समय-सीमा और आवेदन प्रक्रिया सरकारी आदेशों के अनुसार बदल सकती है। आवेदन करने से पहले नवीनतम सरकारी दिशा-निर्देश अवश्य जांचें।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (उ.प्र)

दुर्घटना में किसान की मृत्यु/दिव्यांगता पर निःशुल्क बीमा सहायता के लिए त्वरित लिंक

यह पेज केवल जानकारी और मार्गदर्शन हेतु है। आधिकारिक कार्य हेतु सदैव संबंधित सरकारी विभाग की वेबसाइट पर ही जाएं।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना क्या है?

14 सितंबर 2019 से लागू यह योजना राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित है, जिसके तहत दुर्घटना में किसान की मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता पर 5 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 2.5 लाख रुपये तक की निःशुल्क आर्थिक सहायता (बिना प्रीमियम) दी जाती है। LagJaaGuru.in पर हम आपको सही आधिकारिक पोर्टल तक पहुंचने में मार्गदर्शन देते हैं — कृपया अंतिम व वैध जानकारी के लिए हमेशा संबंधित सरकारी वेबसाइट का ही प्रयोग करें।

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